{चुटियापन: समाज पर एक बदनामी
नादानगी वर्तमान कालखंड समाज के एक बड़ी मुद्दा बन गया है। यह न केवल व्यक्तिगत क्षति का कारण बनता है है, बल्कि जनता के एकत्रित विकास में बाधा लगाता है है। नादानगी के वजह बسبب लोग आराम से धोखे में पड़ जाते हैं, और फिर उन्हें गंभीर {परिणामों|नतीजों|परिणाम भुगतने पड़ते हैं। अतः, नादानगी को समाप्त होना